आज का भजन
आज का पंचांग
आज का दर्शन




| हमारी संस्कृति
खुशी तो मन में छुपी है।
आशीर्वाद के लिए पैर ही क्यों छुआ जाता है?
मार्गशीर्ष श्रीकृष्ण का स्वरूप
देवउठनी एकादशी आज
खुद कष्ट सहकर बगुले ने उपकार का बदला चुकाया
आपका चरित्र ही सबसे बड़ा गुण है। एक राजा को अपने लिए सेवक की आवश्यकता थी। उसके मंत्री ने दो दिनों के बाद एक योग्य व्यक्ति को राजा के ....
चाणक्य नीति की कुछ महत्त्वपूर्ण बातें
क्यों मनाया जाता है धनतेरस का त्योहार भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य का स्थान धन से ऊपर माना जाता रहा है। यह कहावत आज भी प्रचलित है कि पहला....
दीर्घजीवी होने का रहस्य विनम्रता में निहित एक साधु थे अत्यंत विनम्र, त्यागी और मधुरभाषी। उनका शिष्य वृंद काफी विशाल था। वे सदैव परोपकार में लगे....
माण्डव्य ऋषि का यमराज को श्राप महाभारत के अनुसार, माण्डव्य नाम के एक ऋषि थे। राजा ने भूलवश उन्हें चोरी का दोषी मानकर सूली पर चढ़ाने ....
बिल्व वृक्ष का महत्त्व जानकर हैरान हो जाएंगे आप। भगवान शिव से जुड़े होने के कारण बेल के पेड़ या बिल्व वृक्ष का भी काफी धार्मिक महत्त्व है। कहा जाता ह....
| कथाएं
श्रीमद्भागवत कथा - भाईश्री - लीसेस्टर । दिन 8
श्रीमद्भागवत कथा - भाईश्री - लीसेस्टर । दिन 7
श्रीमद्भागवत कथा - भाईश्री - लीसेस्टर । दिन 5
श्रीमद्भागवत कथा - भाईश्री - लीसेस्टर । दिन 6
श्रीमद्भागवत कथा - भाईश्री - लीसेस्टर । दिन 4
| प्रवचन
अमृत वचन - सुधांशु जी महाराज || एपिसोड 1
प्रवचन सरिता - अवधेशानंद गिरि जी ॥ एपिसोड 2
देवी भागवत कथा - साध्वी ऋतंभरा || भाग 03
प्रवचन सरिता ॥ एपिसोड 1
देवी भागवत कथा - साध्वी ऋतंभरा || भाग 02
| भजन
सब कुछ बदल जाता है ॥ सौरभ, मधुकर
बिहारी जी की बड़ी-बड़ी अंखियां ॥ आरुषि गंभीर
शशि ढल रहा ॥ सुमन माल
सांई मेरे सांई ॥ अरुण गोयल
न तो राधा हूं मैं ॥ शीतल चौहान


© 2016 Sanskar Info Pvt. Ltd.
All rights reserved | Legal Policy
कार्यक्रम विवरण | हमारे बारे में | संपर्क