आज का भजन
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आज का दर्शन




| हमारी संस्कृति
सूर्योदय क्या है?
भागीरथी गंगा सगर पौत्र अंशुमन के द्वितीय पुत्र दिलीप हुए। दिलीप ने भी गंगावतरण के लिए खूब तप किया। परंतु तपस्या....
‎शिक्षाप्रद कहानियां- कोध्र पर विजय‬ गोदावरी नदी के तट पर संत एकनाथ बैठे हुए थे। उनके दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते थे। वह जिस गांव में....
समुद्र मंथन से प्राप्त दूसरा रत्न - ‪‎कामधेनु‬ भगवान शंकर के विष ग्रहण करने के बाद देवताओं और दैत्यो ने मंथन आरम्भ किया। समुद्र के चारों ओर बड़े जो....
दुर्वाषा ऋषि के श्राप से शुरू हुई ‪समुद्र मंथन‬ की कहानी का अगला भाग समुद्र मंथन का आरम्भ होना
जब देवताओं तथा असुरों ने समुद्र मंथ....
गणेश संकष्ट चतुर्थी व्रत‬ सभी महीनों की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी गणेश संकष्ट चतुर्थी कहलाती है। इसे वक्रतुंडी चतुर्थी, माही चौथ, ....
कैसे वृंदा ने लिया तुलसी का रूप

पौराणिक कथा के अनुसार एक बड़ी ही सुशील कन्या थी। नाम था वृंदा। उसका जन्म राक्षस कुल में हुआ था ....

आखिर क्यों पड़ी थी समुद्र मंथन की जरूरत... एक बार शिवजी के दर्शन के लिए दुर्वासा ऋषि अपने शिष्यों के साथ कैलाश जा रहे थे। मार्ग में उन्हें देवर....
‎धीरज‬ और ‪‎शांति‬ का महत्त्व एक दिन भगवान बुद्ध कहीं जा रहे थे, उनके साथ उनका एक शिष्य आनंद भी साथ था। वे पैदल चलते-चलते बहुत दूर....
शिक्षाप्रद कहानियां- सत्संग का लाभ‬ बहुत समय पहले की बात है। एक गुरु अपने शिष्यों के साथ घूमने जा रहे थे। वे अपने शिष्यों से बहुत स्नेह ....
आखिर क्यों दिया था माता पार्वती ने भगवान शिव, विष्णु, नारद, कार्तिकेय और रावण को श्राप!! एक बार भगवान शंकर ने माता पार्वती के साथ जुआ खेलने की अभिलाषा प्रकट की। खेल में भगवान शंकर अपना सब क....
| कथाएं
सद्भावना सम्मेलन - सतपाल जी महाराज, उज्जैन ॥ दिन 1
श्रीमद्भागवत कथा - भाईश्री जी - बद्रीनाथ ॥ दिन 2
श्रीमद्भागवत कथा - भाईश्री जी - उज्जैन ॥ दिन 8
श्रीमद्भागवत कथा - भाईश्री जी - बद्रीनाथ ॥ दिन 1
श्रीमद्भागवत कथा - भाईश्री जी - उज्जैन ॥ दिन 7
| प्रवचन
अमृत वचन - सुधांशु जी महाराज || एपिसोड 1
प्रवचन सरिता - अवधेशानंद गिरि जी ॥ एपिसोड 2
देवी भागवत कथा - साध्वी ऋतंभरा || भाग 03
प्रवचन सरिता ॥ एपिसोड 1
देवी भागवत कथा - साध्वी ऋतंभरा || भाग 02
| भजन
सब कुछ बदल जाता है ॥ सौरभ, मधुकर
बिहारी जी की बड़ी-बड़ी अंखियां ॥ आरुषि गंभीर
शशि ढल रहा ॥ सुमन माल
सांई मेरे सांई ॥ अरुण गोयल
न तो राधा हूं मैं ॥ शीतल चौहान


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