हमारी संस्कृति
Skip Navigation Linksहोम > हमारी संस्कृति
|""रक्षाबंधन" से जुड़ी कहानियां"
"रक्षाबंधन" भाई - बहन के प्यार का त्योहार है, जो सदियों से चला आ रहा है। इतिहास में ऐसी बहुत सी कहानियां हैं जो ये साबित करती हैं कि हर युग में राखी का त्योहार अलग-अलग ढंग से मनाया गया है… ऐसी ही कुछ कहानियों पर नज़र डालते हैं:-
लक्ष्मी और बलि की कहानी - दानवों के राजा बली ने स्वर्ग की इच्छा की, तो देव इन्द्र को अपने सिहांसन की चिंता होने लगी। अपनी इस चिंता का हल ढुंढने देव इन्द्र भगवान विष्णु के पास जाते है और उन्हें अपनी विपदा बतातें है तब भगवान विष्णु इंद्र की परेशानी दूर को करने के लिए ब्राह्मण का रुप रखकर बलि के द्वार पर भिक्षा मांगने पहुंचे जाते है। भगवान विष्णु बलि से तीन पग भूमि मांग लेते है और राजा बलि ने उन्हें तीन पग भूमि दान में देते हैं। जब भगवान ने एक पग में स्वर्ग और दूसरे पग में पृ्थ्वी को नाप लिया। अभी तीसरा पैर रखना शेष था। बलि के सामने संकट उत्पन्न हो गया। आखिरकार उसने अपना सिर भगवान के आगे कर दिया और कहा - तीसरा पग आप मेरे सिर पर रख दीजिए। वामन भगवान ने ठिक वैसा ही किया, श्री विष्णु के पैर रखते ही, राजा बलि पाताल लोक पहुंच गए। बलि के वचनबध होने से भगवान विष्णु काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने बलि से बोला वो उनसे कुछ भी मांग सकते हैं। राजा बलि ने बस भगवान को अपने सामने रहना का वचन मांगा। भगवान विष्णु ने बलि की इच्छा पूरी की और उनके द्वारपाल बन गये, लेकिन जब ये बात माता लक्ष्मी को पता चली तो, उन्होंने राजा बलि को राखी    बांधकर अपना भाई बना लिया और जब राजा बलि ने उनसे उपहार मांगने को कहें - तो उन्होंने अपने पति विष्णु को उपहार में मांग लिया। जिस दिन लक्ष्मी जी ने राजा बलि को राखी बांधी उस दिन श्रावण पूर्णिमा थी। कहते हैं कि उस दिन से ही राखी का त्यौहार मनाया जाने लगा।
जब इन्द्राणी ने बांधा देवराज इंद्र को रक्षा सूत्र -  एक बार देवताओं और दानवों में कई दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ जिसमे की देवताओं की हार होने लगी, यह सब देखकर देवराज इंद्र बड़े निराश हुए तब इंद्र की पत्नी शचि ने विधान पूर्वक एक रक्षासूत्र तैयार किया और श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को ब्राह्मणो द्वारा देवराज इंद्र के हाथ पर बंधवाया जिसके प्रभाव से इंद्र युद्ध में विजयी हुए। तभी से यह “रक्षा बंधन” पर्व ब्राह्मणों के माध्यम से मनाया जाने लगा। आज भी भारत के कई हिस्सों में रक्षा बंधन के पर्व पर ब्राह्मणों से राक्षसूत्र बंधवाने का रिवाज़ है।
द्रौपदी का श्री कृ्ष्ण को राखी बांधना
महाभारत में कृष्ण ने शिशुपाल का वध अपने चक्र से किया था। शिशुपाल का सिर काटने के बाद जब चक्र वापस कृष्ण के पास आया तो उस समय कृष्ण की उंगली कट गई भगवान कृष्ण की उंगली से रक्त बहने लगा। यह देखकर द्रौपदी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर कृष्ण की उंगली में बांधा था, जिसको लेकर कृष्ण ने उसकी रक्षा करने का वचन दिया था। इसी ऋण को चुकाने के लिए दु:शासन द्वारा चीरहरण करते समय कृष्ण ने द्रौपदी की लाज रखी। तब से रक्षाबंधन का पर्व मनाने का चलन चला आ रहा है।
हुमायूं ने की थी रानी कर्णावती की रक्षा
मध्यकालीन युग में राजपूत व मुस्लिमों के बीच संघर्ष चल रहा था। रानी कर्णावती चितौड़ के राजा की विधवा थीं। रानी कर्णावती को जब बहादुरशाह द्वारा मेवाड़ पर हमला करने की पूर्वसूचना मिली तो वह घबरा गई। रानी कर्णावती ने अपनी प्रजा की सुरक्षा का कोई रास्ता न निकलता देख रानी ने हुमायूं को राखी भेजी थी। हुमायूं ने राखी की लाज रखी और मेवाड़ पहुंच कर बहादुरशाह के विरुद्ध मेवाड़ की ओर से लड़ते हुए कर्णावती और उसके राज्य की रक्षा की।





टैग्स :
इतिहास
प्यार
रक्षाबधंन
कहानियां
भाई-बहन
रिश्ता
जानिए किसने की थी निर्जला एकादशी की शुरुआत

भगवान विष्णु के दस अवतार:- वामन अवतार

जानिए कौन सा फूल चढ़ाने से कौन से भगवान होते हैं प्रसन्न?

| लोकप्रिय

  • परंपरा का निर्माण

  • चिकित्सकों के चिकित्सक भगवान शिव

  • गीता और वेद

  • सबसे बड़ा दान क्या है ?

  • दक्षिणा क्यों है महत्त्वपूर्ण

  • गुरु का महत्त्व क्यों ?

  • संस्कार क्या हैं ?

  • भगवान श्रीकृष्ण

  • कृष्णावतार पर वैज्ञानिक दृष्टि

  • श्रीकृष्ण अवतार

  • त्रिपुरुष - विज्ञान

  • स्वामी विवेकानंद जयंती -

  • जन्म - कर्म

  • श्रीकृष्ण की पत्नियों तथा पुत्रों के संक्षेप से नाम निर्देश तथा द्वादश - संग्रामों का संक्षिप्त परिचय

  • महात्मा की कृपा

  • संसारी - व्यवसायी में भेद

  • कर्मयोग

  • सत् - असत् का ज्ञान

  • परिवर्तन ही जीवन

  • व्यर्थ है मोह का बंधन

  • योग - वियोग

  • पैसा पाने के लिए पैसा दें

  • अपनी नियामतें (blessings) गिनें

  • प्रेम शक्ति

  • श्रीराम जी और श्रीकृष्ण जी

  • पर्वों और त्यौहारों का महत्त्व क्यों ?

  • सदाशिव - भगवान शिव के अवतार

  • भगवान कौन है ?

  • योगेश्वर श्रीकृष्ण

  • कृष्णदर्शन - भगवान शिव के अवतार

  • भैषज्य विज्ञान का मूल स्त्रोत - अथर्ववेद

  • पूजा में यंत्रों का महत्त्व क्यों ?

  • श्रीकृष्ण - चरित्र

  • भगवान शिव

  • भगवान शिव

  • जन्म और मृत्यु क्यों ?

  • आदर्श गृहस्थ

  • भगवान शिव का अवधूतेश्वरावतार

  • सुंदरकांड का धार्मिक महत्त्व क्यों ?

  • परात्पर श्रीकृष्णावतार का प्रयोजन विमर्श

  • हर - भगवान शिव के अवतार

  • श्रीराम भक्त

  • श्रीराम मर्यादा चरित्र

  • गीता के उपदेष्टा श्रीकृष्ण

  • भगवान शिव का भिक्षुवर्यावतार

  • अद्भुत अतिथि सत्कार

  • एक पत्नीव्रत धर्म

  • श्रीकृष्ण चैतन्य महाप्रभु और श्रीकृष्ण भक्ति

  • मौत की भी मौत

  • श्रीभरत जी के विशेषतर धर्म से शिक्षा

  • श्रीभरत जी के विशेषतर धर्म से शिक्षा

  • भगवान शिव का सुरेश्वरावतार

  • प्रतिशोध ठीक नहीं होता

  • कलियुग का पुनीत प्रताप

  • राधा - भाव

  • कपाली - भगवान शिव के अवतार

  • सुनीथा की कथा (अभिभावक उपेक्षा न करें)

  • श्रीहरि भक्ति सुगम और सुखदायी है

  • शिव जी का किरात वेष में प्रकट होना

  • सीता शुकी संवाद

  • श्रीकैकेयी और सुमित्रा माता के चरित्र से शिक्षा

  • भव - भगवान शिव के अवतार

  • सत्कर्म में श्रमदान का अद्भुत फल

  • भक्तों की तीन श्रेणियां

  • शिव जी का हनुमान के रूप में अवतार

  • नल दमयंती के पूर्व जन्म का वृतांत

  • व्रज जीवन का संगठन और तैयारी

  • गंगावतार - भगवान शिव के अवतार

  • गुणनिधि पर भगवान शिव की कृपा

  • कुवलाश्व के द्वारा जगत की रक्षा

  • गायत्री मंत्र की सबसे अधिक मान्यता क्यों ?

  • श्रीकृष्ण और द्रौपदी

  • श्रीकृष्ण और भावी जगत

  • भक्त का अद्भुत अवदान

  • भक्तवत्सलता

  • मन ही बंधन और मुक्ति का कारण

  • श्रीलक्ष्मण जी के विशेष धर्म से शिक्षा

  • वेदांतमत और वैष्णवमत

  • औढरदानी भगवान शिव

  • भगवन्नाम समस्त पापों को भस्म कर देता है (यमदूतों का नया अनुभव)

  • श्री शबरी जी की भक्ति

  • श्रीकृष्ण - चरण सेवन का माहात्म्य

  • सुदर्शन पर जगदंबा की कृपा

  • शिव और सती

  • लोकसंग्रह और भगवान श्रीकृष्ण

  • भगवान शिव का हरिहरात्मक रूप

  • वसंत पंचमी के दिन क्यों होती हैं विद्या की देवी की पूजा ?

  • मुनिवर गौतमद्वारा कृतघ्न ब्राह्मणों को शाप

  • लोकनायक श्रीकृष्ण

  • वेदमालि को भगवत्प्राप्ति

  • भगवान हनुमान के चरित्र से शिक्षा

  • भगवान की एक लीला

  • अर्धनारीश्वर शिव

  • सुंदरकांड का धार्मिक महत्त्व क्यों ?

  • आरोग्य - सुभाषित - मुक्तावली

  • राजा खनित्र का सद्भाव

  • राम अंश

  • एकमात्र श्रीकृष्ण ही धन्य एवं श्रेष्ठ हैं

  • पंचमुख तथा पंचमूर्ति

  • भगवान भास्कर की आराधना का अद्भुत फल

  • भगवान श्रीकृष्ण एक थे या अनेक ?

  • आदर्श भक्त

  • गणेश जी पर शनि की दृष्टि

  • छान्दोग्योपनिषद और श्रीकृष्ण

  • राजा राज्यवर्धन पर भगवान सूर्य की कृपा

  • भगवान श्रीकृष्ण और उनका दिव्य उपदेश

  • राजा रंतिदेव

  • गरुड, सुदर्शनचक्र और श्रीकृष्ण की रानियों का गर्व - भंग

  • भक्त अर्जुन और श्रीकृष्ण

  • दो मित्र भक्त

  • कर्तव्यपरायणता का अद्भुत आदर्श

  • सारथ्य

  • कर्तव्यपरायणता का अद्भुत आदर्श

  • विपुलस्वान मुनि और उनके पुत्रों की कथा

  • श्रीश्रीराधातत्त्व

  • माता, पिता एवं गुरु की महिमा

  • वेदमालिको भगवत्प्राप्ति

  • श्रीकृष्ण और भागवत धर्म

  • चक्रिक भील

  • आल्हा ऊदल की कथा

  • राजा विदूरथ की कथा

  • श्रीराधिका जी का उद्धव को उपदेश

  • श्रीराम का पत्नी प्रेम

  • देव प्रतिमा निर्माण विधि

  • इंद्र का गर्व - भंग

  • मैं तो कृष्ण हो गया !

  • पाण्डव अर्जुन और कृष्ण मैत्री

  • आंख खोलने वाली गाथा

  • मोक्ष संन्यासिनी गोपियां

  • भीष्मपितामह - आदर्श चरित्र

  • सृष्टि तथा सात ऊर्ध्व एवं सात पाताल लोकों का वर्णन

  • शिव और सती

  • चैतन्य महाप्रभु, वाल्मीकि और शंकराचार्य के आविर्भाव की कथा

  • दरिद्रा कहां - कहां रहती है ?

  • चक्रपाणि

  • श्रीदुर्गासप्तशती के आदिचरित्र का माहात्म्य

  • रक्षक प्रभु

  • शिवोपासना का अद्भुत फल

  • अवतार तत्त्व

  • मूर्ति पूजन का तात्पर्य

  • राजा भोज और महामद की कथा

  • कीड़े से महर्षि मैत्रेय

  • देशराज एवं वत्सराज आदि राजाओं का आविर्भाव

  • कर्म का चरित्र पर प्रभाव

  • प्रेममय श्रीकृष्ण

  • महर्षि सौभरि की जीवन गाथा

  • भगवान श्रीकृष्ण और भावी संसार

  • साधना में मनोयोग की महत्ता

  • देवी षष्ठी की कथा

  • श्रीकृष्ण और भावी जगत

  • कैसे करें महाशिवरात्री की पूजा

  • क्यों मनाते हैं महाशिवरात्रि ?

  • द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अर्चा विग्रह - श्री सोमनाथ

  • द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अर्चा विग्रह - 2) श्री मल्लिकार्जुन

  • द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अर्चा विग्रह - 4) श्री ओंकारेश्वर या ममलेश्वर

  • द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अर्चा विग्रह - 5) श्री केदारेश्वर

  • द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अर्चा विग्रह - 6) श्री भीमशंकर

  • भक्त का अद्भुत अवदान

  • माधुर्य रस में

  • भुवनकोश का संक्षिप्त वर्णन

  • श्रीकृष्णोपदिष्ट कर्मयोग का स्वरूप

  • नारद जी को विष्णु माया का दर्शन

  • रामकृष्ण परमहंस चरित्र

  • जीवन में गुरु का महत्त्व

  • श्रीशिवपंचाक्षरस्तोत्रम्

  • भगवान विष्णु का स्वप्न

  • जानिए क्या है मानस-पूजा और कैसे करें भगवान शिव की मानसपूजा

  • गरुड, सुदर्शनचक्र और श्रीकृष्ण की रानियों का गर्व-भंग

  • कर्तव्यपरायणता का अद्भुत आदर्श

  • नवरात्र में कलश स्थापना (प्रतिपदा)

  • नवरात्र में क्यों करें घटस्थापन ?

  • चक्रिक भील

  • नवरात्र व्रत की कथा

  • नव वर्ष का प्रारंभ प्रतिपदा से ही क्यों?

  • नवरात्र व्रत की कथा

  • उगादि

  • मुक्ति के लिये साधन की आवश्यकता

  • आदिगुरु श्रीकृष्ण

  • भगवान की न्यायकारिता एवं दयालुता

  • सौरधर्म का वर्णन

  • सौरधर्म का वर्णन

  • जाने संन्यास और गृहस्थ क्या है श्रेष्ठ ?

  • जाने संन्यास और गृहस्थ क्या है श्रेष्ठ ?

  • श्रीदुर्गासप्तशती के आदिचरित्र का माहात्म्य

  • अपना जीवन सेवा के लिए है

  • सुदामा की कथा

  • भक्त हनुमान

  • आध्यात्मिक रहस्य

  • आध्यात्मिक रहस्य

  • कण- कण में है भगवान्

  • भाव ऊंचा रहे हमारा

  • पितृभक्त बालक पिप्पलाद

  • मातृ- पितृ भक्त श्रवणकुमार

  • परमात्मा की शरण में है स्वर्ग

  • महात्माओं का प्रभाव

  • गुरुभक्ति के लिए एकलव्य का त्याग

  • प्रथम पूज्य श्रीगणेश जी

  • परमभक्त हनुमान्

  • भगवती सती का शिव-प्रेम

  • शिव और शक्ति

  • श्रीराम आदि चारों भाइयों का विवाह

  • विश्वामित्र द्वारा श्रीराम को दिव्यास्त्र-दान ||

  • तिथियों और नक्षत्रों के देवता तथा उनके पूजन का फल

  • परम शैव भगवान विष्णु की शिवोपासना

  • अक्षय तृतीया का महात्म्य

  • कैसे करें अक्षय तृतीया पर पूजा ताकि मिले पूरा फल

  • उपदेशप्रद कहानी: दान का रहस्य

  • उपदेशप्रद कहानी: सत्य की महिमा

  • तुलसीदल का महात्म्य

  • तुलसी - एक जीवनदायक पौधा

  • उपदेशप्रद कहानी: शुभचिंतन का प्रभाव

  • सर्वप्रथम गणेश का ही पूजन क्यों

  • श्री हनुमान क्यों हुए सिंदूरी

  • माथे पर तिलक लगाने का महत्व

  • राजकुमारी सुकन्या का बलिदान

  • गंगा दशहरा

  • आखिर कहां से आया नारियल ?

  • औषधीय पौधा- ग्रेट मुलेन

  • हार-जीत का फैसला

  • निर्जला एकादशी व्रत

  • तीर्थो का महत्त्व‬

  • विनम्रता का फल

  • प्रदोष व्रत का महत्त्व

  • शिक्षाप्रद कहानियां- जल्दबाजी का फल‬

  • ‎गिलहरी‬ का ‪‎रामसेतु‬ बनाने में योगदान

  • चाणक्य की सीख‬

  • शिक्षाप्रद कहानियां- आत्म संतोष का गुण‬

  • अवसर की पहचान करना जरूरी...

  • संत कबीरदास जंयती पर विशेष- कबीर दास की शिक्षा

  • शिक्षाप्रद कहानियां- रानी का हार

  • आखिर क्यों दिया था माता पार्वती ने भगवान शिव, विष्णु, नारद, कार्तिकेय और रावण को श्राप!!

  • शिक्षाप्रद कहानियां- सत्संग का लाभ‬

  • ‎धीरज‬ और ‪‎शांति‬ का महत्त्व

  • आखिर क्यों पड़ी थी समुद्र मंथन की जरूरत...

  • कैसे वृंदा ने लिया तुलसी का रूप

  • गणेश संकष्ट चतुर्थी व्रत‬

  • दुर्वाषा ऋषि के श्राप से शुरू हुई ‪समुद्र मंथन‬ की कहानी का अगला भाग

  • समुद्र मंथन से प्राप्त दूसरा रत्न - ‪‎कामधेनु‬

  • ‎शिक्षाप्रद कहानियां- कोध्र पर विजय‬

  • भागीरथी गंगा

  • सूर्योदय क्या है?

  • भगवान बुद्ध का ‪उपदेश‬

  • आंवले के वृक्ष की उत्पत्ति

  • भगवान विष्णु का मत्स्य अवतार

  • महाभारत का कारण

  • कालीय नाग यमुना जी में क्यों रहता था?

  • अक्षय पात्र का रहस्य

  • गणेश जी को दूर्वा(दूब) क्यों चढ़ाई जाती है ?

  • शिक्षाप्रद कहानियां - धन का मोह

  • गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या की कहानी

  • इस बार पूरे विधि-विधान से करें सोमवती अमावस्या की पूजा !

  • जीवन में जरुरी है धैर्य और विनम्रता

  • जाने, किस भगवान को है कौन सा पुष्प प्रिय...

  • भगवान शिव के लिए माता पार्वती ने किया था घोर तप

  • भक्ति की अद्भुत पराकाष्ठा की मिसाल भगवान हनुमान

  • माता सीता के स्वयंवर की कथा

  • भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

  • जानिए क्यों की जाती है मंदिर की परिक्रमा तथा क्या है इसका महत्त्व ?

  • शिक्षाप्रद कहानियां- खुश रहने का रहस्य

  • भगवान विष्णु का दूसरा अवतार- ‎कच्छपावतार‬

  • बुद्ध का ज्ञान

  • भगवान गणेश

  • सर्वव्यापक परमात्मा - भगवान श्रीविष्णु

  • माखन लेने की अनोखी रीति

  • देवशयनी एकादशी, जानिए कैसे करें पूजन

  • चांद- खिलौना

  • शिक्षाप्रदकहानियां‬- बुरे समय में खुद को रखे शांत !

  • हो रही है सावन की शुरुआत, ऐसे रखें सोमवार का व्रत

  • क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा, क्या है महत्त्व

  • भगवान विष्णु के ‪हयग्रीवावतार‬ की कथा

  • शिक्षाप्रद कहानियां- सदा दुःखी रहता है समय गंवाने वाला

  • विलक्षण गुरुदक्षिणा

  • सावन में सोमवार का हैं खास महत्त्व

  • क्यों प्रिय है भगवान शिव को बेलपत्र

  • रुद्राभिषेक क्यों है इतना प्रभावी और महत्वपूर्ण

  • सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में

  • सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में

  • सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में

  • सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में

  • सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में

  • हरि ॐ क्यों

  • क्या है शनि की क्रूर दृष्टि के पीछे की वजह !

  • एक ऐसा तीर्थ जहां स्वयं प्रभु राम ने की थी शिव जी की आराधना

  • क्या मरना भी मुहूर्त में ही?

  • बुधवार को करें भगवान गणेश की पूजा!

  • शिक्षाप्रद कहानियां - सत्य की कीमत

  • चाणक्य नीति

  • सुख-संतोष की देवी है मां संतोषी

  • मनचाहे वर के लिए करें हरियाली तीज का व्रत

  • जब भगवान शिव को लेना पड़ा कपाली अवतार...

  • भाग्यवती मालिन

  • भगवान शिव के ग्यारह रुद्र रूप

  • "दशराज्ञ युद्ध" का रहस्य

  • भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी रुद्राक्ष की उत्पत्ति

  • पितृभक्त बालक नचिकेता की कहानी

  • आयुर्वेद के आठ अंग

  • आयुर्वेद सिद्धात रहस्य में आज बात करेंगे रात्रिचर्या की।

  • ‎शिक्षाप्रद कहानियां‬- संकट का सामना करने के लिए साहस जरूरी

  • कर्ण की धर्मनिष्ठता

  • जानिए किन चार तरह के व्यक्तियों को नींद नहीं आती

  • सबसे बड़ा संयम है मौन

  • काशी के लोलार्क कुंड में विराजते हैं सूर्य

  • दैत्यराज विरोचन की दानशीलता

  • मर्यादा पालन क्यों ?

  • कन्हैया द्वारा शालग्राम की चोरी

  • योगमाया की भविष्यवाणी

  • बाल समय रबि भक्षि लियो

  • केवट के भाग्य

  • चित्रकूट की अद्भुत शोभा

  • समुद्रोल्लंघन की तैयारी

  • जानिए संकटमोचन हनुमान के जन्म की कथा

  • आखिर कैसे हुआ था भीष्म पितामह का जन्म

  • गंगापुत्र देवव्रत का नाम भीष्म कैसे पड़ा?

  • जब कुबेर को खुद पर होने लगा अंहकार

  • धर्म का रहस्य

  • प्रेम में है अपार शक्ति

  • अखंड सौभाग्य के लिए करें हरतालिका तीज व्रत

  • श्री गणेश से गजानन बनने की कहानी

  • कुरूपता सुंदरता के वस्त्र पहनकर चलती बनी

  • भगवती के दुर्गा नाम का इतिहास

  • भगवान गणेश के 8 अति प्राचीन मंदिर

  • विनम्रता में छुपा जीवन की सफलता रहस्य

  • जानिए श्राद्ध में क्या है पिंड दान का महत्त्व

  • जीवित्पुत्रिका या जिउतिया व्रत महिमा

  • मां शैलपुत्री

  • कलश स्थापना कैसे करें ?

  • मां ब्रह्मचारिणी

  • मां दुर्गा का तीसरा स्वरूप- मां चंद्रघंटा

  • नवरात्र का चौथा दिन मां कूष्मांडा देवी

  • नवदुर्गा का पांचवां स्वरूप स्कंदमाता

  • कात्यायनी : मां दुर्गा का छठवां स्वरूप

  • नवरात्रि के सातवें दिन होती है होती है मां कालरात्रि की पूजा

  • शाकंभरी अवतार

  • नवरात्र के अाठवें दिन होता है मां महागौरी का पूजन

  • सिद्धिदात्री : मां दुर्गा का नौवां रूप

  • विजय दशमी

  • भावनाओं से ही तय होता है मनुष्य का भाग्य

  • जीत हमेशा सत्य की होती है

  • कार्तिक मास का महत्त्व

  • श्रीरामचरितमानस (लंकाकाण्ड)

  • करवा चौथ व्रत की पूजन विधि

  • करवा चौथ व्रत की कथा

  • गलतियों को सुधारने से जीवन आदर्श बनता है।

  • तो इसलिए पूजनीय है शमी वृक्ष

  • स्वार्थरहित होकर किया गया दान ही श्रेष्ठ

  • बिल्व वृक्ष का महत्त्व जानकर हैरान हो जाएंगे आप।

  • माण्डव्य ऋषि का यमराज को श्राप

  • दीर्घजीवी होने का रहस्य विनम्रता में निहित

  • क्यों मनाया जाता है धनतेरस का त्योहार

  • चाणक्य नीति की कुछ महत्त्वपूर्ण बातें

  • आपका चरित्र ही सबसे बड़ा गुण है।

  • खुद कष्ट सहकर बगुले ने उपकार का बदला चुकाया

  • देवउठनी एकादशी आज

  • मार्गशीर्ष श्रीकृष्ण का स्वरूप

  • आशीर्वाद के लिए पैर ही क्यों छुआ जाता है?

  • खुशी तो मन में छुपी है।

  • आत्मा में निहित असली सौंदर्य

  • सत्संग का प्रभाव

  • सेहत का राज

  • संगत का असर

  • सोते वक्त किस दिशा में रखना चाहिए सिर और पैर ?

  • क्यों हैं श्रीविष्णु क्षीरसागर में?

  • नलकुबेर ने दिया था रावण को श्राप

  • बर्तन से पैदा हुए थे गुरु द्रोणाचार्य

  • सेवा भाव सभी धर्मों से ऊपर

  • मां के 51 शक्तिपीठों की एक पौराणिक कथा

  • पूजा-पाठ करने की सही तरीका

  • ऐसे करें गणेश जी की पूजा

  • पुण्यदायक है माघ स्नान

  • श्रीयंत्र है मां लक्ष्मी को परम प्रिय

  • क्यों मनाते है मकर संक्रांति, क्या है महत्त्व

  • रामचरितमानस

  • धैर्य का फल

  • तिल के फायदें

  • अनोखी शिक्षा

  • शादी से समय क्यों लेते है अग्नि के सात फेरे

  • श्रेष्ठ कौन

  • मौनी अमावस्या आज

  • कर्म की महिमा

  • हर एक को अपना दु:ख सबसे बड़ा लगता है

  • सरस्वती को वाणी की देवी क्यों कहते हैं?

  • जानिये मां सरस्वती का जन्म कैसे हुआ..

  • जानें क्या है तुलसी के पौधे का महत्त्व

  • निर्विकार भाव से मिलता है सुख

  • क्षमाशीलता

  • मंथरा की कुशिक्षा

  • वक्रतुण्ड अवतार

  • क्यों मनाई जाती है शिवरात्रि

  • ज्ञानी बने पर अंहकारी न बने

  • जानिए क्या है होलाष्टक

  • असली सुंदरता हमारे अच्छे कार्यों से आती है।

  • पूजा में केले के पत्तों को क्यों महत्व दिया जाता है?

  • आज है शनि प्रदोष व्रत

  • अष्टमी पर करें मां महागौरी की उपासना

  • रामनवमी क्यों मनाई जाती है?

  • महात्मा विदुर की अंतिम इच्छा

  • श्री राम के साथ करें, भगवान शिव की उपासना

  • जानिए कर्ण को क्यों मिला श्राप

  • यज्ञ कर्म

  • आप भी कर लें संकटमोचन को प्रसन्न

  • हनुमान अष्टक

  • अर्जुन के रथ पर क्यों बैठे थे हनुमान?

  • श्रीगणेश के 11 नाम

  • तो इसलिए मनाते है बैसाखी

  • जलियांवाला बाग कांड की कुछ बड़ी बातें जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता

  • हिंदू धर्म की कुछ महत्वपूर्ण बातें जिसे आपको भी जानना चाहिए

  • परब्रह्म शिव ही परमात्मा हैं

  • श्रीकृष्ण को श्राप से बचाने के लिए सुदामा ने स्वीकारी थी उम्रभर की दरिद्रता

  • हनुमानजी के पुत्र मकरध्वज की उत्पत्ति की कथा

  • कपूर के है अनेकों फायदे

  • शनिवार को क्यों चढ़ाते हैं शनि देव को तेल

  • कुरुचिपूर्ण स्वभाव से बचें

  • शिव को क्यों प्रिय है भांग

  • दूसरों के हिस्से का भोजन न खाएं

  • जानिए महात्मा विदुर ने किन 6 चीजों का होना भाग्यशाली बताया है।

  • जो है उसमें खुश रहना सीखें

  • निंदक नियरे राखिए

  • क्यों मनाते हैं अक्षय तृतीया

  • गंगा सप्तमी आज

  • कन्या दान का महत्त्व

  • जानिए कौन सा फूल चढ़ाने से कौन से भगवान होते हैं प्रसन्न?

  • भगवान विष्णु के दस अवतार 1.मत्स्यावतार

  • भगवान विष्णु के दस अवतार:-

  • भगवान विष्णु के दस अवतार:- वराहावतार

  • भगवान विष्णु के दस अवतार:- नृसिंह अवतार

  • अपने आप को मुश्किलों से बड़ा बनाएं

  • भगवान विष्णु के दस अवतार:- वामन अवतार

  • कर्म की गति और मनुष्य के मोह

  • हमारी संस्कृति में यज्ञ का महत्व

  • जानिए किसने की थी निर्जला एकादशी की शुरुआत

  • भगवान गणेश को क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी ?

  • क्यों है ब्रह्मा जी का भारत में एक मंदिर ?

  • कैसे हुई थी रुद्राक्ष की उत्पत्ति ?

  • रावण के तीन गुणकारी मंत्र

  • "नंदी के अबोध आचरण ने किया भोलेनाथ को क्रोधित"

  • "भगवान शिव के चार साथी"

  • "हनुमान जी ने सुनी अंजलि की पुकार"

  • आज है हरियाली तीज, 108वें जन्म मे पूरी हुई थी पार्वती माता की तपस्या

  • "भगवान विष्णु ने किया माता पार्वती से छल"

  • "कैसे शेर बना मां दुर्गा की सवारी

  • "कैसे पड़ा भगवान शिव का नाम त्रिपुरारी?"

  • "कैसे बना मूषक भगवान गणेश की सवारी"

  • "भगवान विष्णु ने क्यों किया पतिव्रता वृंदा के साथ छल"

  • "मां दुर्गा ने कैसे तोड़ा देवताओं का घमंड?"

  • "शिव की महिमा अपरम्पार"

  • ""रक्षाबंधन" से जुड़ी कहानियां"

  • "गौ सेवा का फल"

  • "मां लक्ष्मी ने क्यों तोड़ा भगवान विष्णु का वचन ?"

  • "जन्माष्टमी:- कान्हा की जन्म कथा"

  • "रामकृष्ण परमहंस के आत्म-ज्ञान की कथा

  • "भगवान शिव ने कैसे किया कृष्ण के बालरुप का दर्शन ?"

  • "क्यों लिया भोलेनाथ ने वृषभ का अवतार?"

  • "मुश्किल कार्य को करें आसान गणपति"

  • "तुलसी क्यों वर्जित हैं गणेश जी की पूजन से?"

  • "भगवान विष्णु ने क्यों लिया मोहिनी अवतार"

  • "माता अंजना को कैसे मिली मुक्ति वानर अवतार से"

  • "कैसे हुई गंगा मां की उत्पत्ति?"

  • "क्यों पूजा जाता है सर्वप्रथम भगवान गणेश को"

  • "भगवान विष्णु ने मां लक्ष्मी को क्यों दिया दंड"

  • "महादेव के अर्द्धनारीश्वर अवतार की कथा"

  • "क्यों कहलातें है पंचरुपी हनुमान"

  • "हिंदी है देश की शान"

  • "मां शैलपुत्री की क्यों होती है प्रथम पूजा"

  • "मां शैलपुत्री की क्यों होती है प्रथम पूजा"

  • नवरात्रि के दूसरे दिन क्यों होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा ?

  • "देवी का पांचवा स्वरूप - स्कंदमाता"

  • "कात्यायनी - मां शक्ति का छठा स्वरूप"

  • मां कालरात्रि

  • मां महागौरी - दुर्गा का अाठवां रूप

  • नवरात्र के नौंवे दिन करें "मां सिद्धिदात्री" की उपासना

  • "कैसे बने ध्रुव, ध्रुव तारा ?"

  • "शरद पूर्णिमा की व्रथ कथा और पूजा विधि"

  • “चंद्रदेव के तप से कैसे बना सोमनाथ ज्योतिर्लिंग”

  • “जब पहली बार मिले हनुमान और भगवान राम”

  • "मोहिनी और विष्णु भक्त रुक्मांगद की कहानी"

  • धनतेरस: जानिए क्या है शुभ मुहूर्त ?
© 2017 Sanskar Info Pvt. Ltd.
All rights reserved | Legal Policy
कार्यक्रम विवरण | हमारे बारे में | संपर्क